श्री शनि मंदिर N-2, सिडको, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) ( महाराष्ट्र ) संस्थापिका – शनि साधिका डॉ विभाश्री दीदी जी – आपके द्वारा छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) शहर के N-2, सिडको के क्रिकेट स्टेडियम व ठाकरे नगर रोड के पास सन 2000 में विशाल शनि ज्ञान मंदिर की स्थापना हुई,
जहाँ पर प्रति शनिवार को आज भी सायं 7 से रात्रि 8.30 तक दीदी जी द्वारा होनेवाले आध्यात्मिक, मोटिवेशन सत्संगो द्वारा शनि / ज्योतिष / वस्तू व धर्म के नाम पर चलनेवाली ठगाई, अंधविश्वास रूढीवादी परंपराओं को अपने ज्ञान यज्ञ द्वारा
दूर करने का अथक प्रयास जारी है I संपर्क – 0240 2471558
श्री शनेश्वर तीर्थ क्षेत्र शनि आश्रम चिकलथाना, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) महाराष्ट्र संस्थापिका एस्ट्रॉलॉजर शनि साधिका डॉ विभाश्री दीदी जी — N-2, सिडको के शनि ज्ञान मंदिर के उत्सवो में उमडती श्रद्धालुओ की भीड को देखते हुये सन 2005 में डॉ विभाश्री दीदी जी द्वारा 4 एकडं की भूमी में चिकलथाना क्षेत्र में विशाल नवग्रह शनि मंदिर सहित श्री शनि आश्रम की स्थापना हुई I छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) से जालना जानेवाले हाईवे से 2 किलोमीटर की दुरी पर, एअर पोर्ट की बाउंड्री वॉल की साईड वाली रोड पर, रेल्वे क्रॉसिंग से 1 किलोमीटर की दुरी पर यह शनि आश्रम आज छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) शहर की पहचान बनता जा रहा है I यहां प्रति शनिवार 3 से 4 हजार दर्शनार्थी शनि कृपा प्राप्ती हेतु पहूंचते है I स्कुली विध्यार्थीयों के लिये यह पिकनिक प्लेस की भांती है I यहां प्रति शनि जयंती, शनिश्चरी अमावश्या पर देश के कोने कोने से शनि प्रभावित व्यक्ती दीदीजी द्वारा संचालित शनि शांति अनुष्ठान, महोत्सव में भाग लेने आते है
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प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्या शनि साधिका डॉक्टर विभा श्री दीदी जी की सन्यास दीक्षा होने के बाद, संन्यास दीक्षा प्रदान करने वाले उनके सद्गुरु, महामंडलेश्वर युग पुरुष,परम पूज्य स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज अखंड परमधाम हरिद्वार द्वारा दीदीजी का नया संन्यासी नाम अब साध्वी वेदिकाश्री चेतना गिरी दीदी मां रखा है
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26 जनवरी 2026 वात्सल्य ग्राम वृंदावन में साध्वी ऋतुम्भरा दीदी मां के साथ हैं,साध्वी वेदिका श्री चेतना गिरी दीदी मां ( शनि साधिका डॉक्टर विभाश्री दीदी जी अतिथियों के साथ वात्सल्य ग्राम के बालिकाओं के सैनिक स्कूल में झंडा रोहण करते हुए
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साध्वी वेदिकाश्री चेतना गिरी दीदी मां (शनि साधिका डॉ. विभाश्री दीदी जी) गुरुदेव युगपुरुष महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी परमानंद गिरी जी महाराज सद्गुरु, सन्यास दीक्षा 24 जनवरी 2026 हरिद्वार (उत्तराखंड)
संस्थापक - अखंड परमधाम आश्रम हरिद्वार (उत्तराखंड) प्रमुख ट्रस्टी श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट अयोध्या
1/12/2025 गीता जयंती महोत्सव परम पूज्य स्वामी - गोविंददेव गिरी जी महाराज के द्वारा शनि शांति पूजा किट का विमोचन शनि साधिका - डॉ विभाश्री दीदी जी और साथियो के साथ
वेद श्री तपोवन, आलंदी. पुणे (महा.)
श्री शनेश्वर तीर्थ क्षेत्र शनि आश्रम चिकलथाना छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) में निर्मित, विभाश्री विभूति स्पिरिचुअल फाऊंडेशन द्वारा शनिदेव की कृपा प्राप्ति हेतु अमेजॉन पर उपलब्ध, शनिदेव से संबंधित समस्त सामग्रियां की शनि शांति पूजा सामग्री किट का विमोचन करते हुए अनंत श्री विभूषित महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज अखंड परमधाम हरिद्वार, (उत्तराखंड ) और साथ में हैं शनि साधिका डॉक्टर विभाश्री दीदी जी (उर्फ साध्वी वेदिकाश्री चेतना गिरी जी ) जो की श्री शनि आश्रम और विभाश्री विभूति स्पिरिचुअल फाउंडेशन छत्रपति
संभाजीनगर महाराष्ट्र की संस्थापिका है जिनके ज्योतिष ज्ञान ,साधना,भक्ति, तप द्वारा सिद्ध शनिदेव संबंधी दुर्लभ सामग्रियों की यह शनि शांति पूजा किट का निर्माण होता है
श्री शनि तीर्थ क्षेत्र बिरझापुर
तहसील – धमधा, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़
संस्थापिका – एस्ट्रोलॉजर, शनि साधिका डॉ विभाश्री दीदी जी
इतिहास व महत्वपूर्ण जानकारी
सन 1996 में ज्योतिषाचार्या डॉ विभाश्री दीदी का निवास छत्तीसगढ़ राज्य के जिला दुर्ग में था। उस समय जिला दुर्ग मध्य प्रदेश राज्य के अन्तर्गत आता था छत्तीसगढ़ राज्य का बटवारा नहीं हुआ था। जिला दुर्ग के रेलवे स्टेशन से 2 कि मी की दूरी पर आदित्यनगर नामक कॉलोनी में दीदी जी का भवन शनि संस्थान था यहां से ही शनिदेव जी के सारे सेवा कार्य हुआ करते थे। एक बार शनि साधिका डॉ विभाश्री दीदी जी अपने आध्यात्मिक सेवा ग्रुप के साथ शनिक्षेत्र शिंगणापुर, जिला अहमदनगर, महाराष्ट्र में आई जनवरी 1996 में दीदी जी को शिंगणापुर में जब वहां के अंधविश्वासी लोगों ने ये यह कहकर शनिदेव जी की पूजा नहीं करने दी कि महिलायें शनिदेव की पूजा नहीं कर सकती हैं, ये बात दीदी जी को बहुत बुरी लगी इसके बाद दीदीजी के हठयोग और साधना के प्रभाव से शनिदेव जी ने 1997 में यह संकेत दे दिया कि उनको शनिदेव कि प्रतिमा कब, कहाँ, कैसे मिलेगी और उसकी स्थापना किस क्षेत्र में होगी और महिलाओं को धर्म क्षेत्र में, शनिदेव की पूजा में भाग लेने का अधिकार दिलाने के लिये उनको कितना संघर्ष, किस रूप में करना होगा।
बस दीदी जी के जप, तप, व्रत, साधना,योग के फलस्वरूप ठीक वैसी ही शनिदेव जी की मूर्ति प्रतिमा वन के आकार की 5 फिट 8 इंच वाली 5.4.1997 में एक छोटे से ग्राम बिरझापुर में बहुत बड़े धार्मिक सम्मलेन व उत्सव के साथ स्थापित हो गयी यह चमत्कार से कम नहीं था।
श्री शनितीर्थ क्षेत्र बिरझापुर धमधा, दुर्ग छत्तीसगढ़ का इतिहास
सन1996 सेशनिसाधिकाडॉविभाश्रीजीकोएकस्वप्नप्रतिदिनप्रातः4 आताथाजिसमेंवेएकअजनबीगांवमेंजातीथीवहांएकतालाबकिनारेखण्डरमंदिरकेसामनेखुदाईकराईजातीथीऔरजैसेहीखुदाईमेंकुछप्राप्तहोनेवालाहोताथाआँखखुलजातीथी। उड़ीसाकेझारसुगड़ाजिलेकेबरगड़गांवमेंयहस्थानमिलाफिरअप्रेलमेंयहाँसेखुदाईद्वारा5 फिट8 इंचकेअंग्रेजीकेवनआकारकीएकप्रतिमाप्राप्तहुईजोकिबिलकुलशिंगणापुरश्रीक्षेत्रकेजैसीहीदिखतीहै।वहांसेदोछोटीमूर्तियांडेढ़फिटवालीराहू- केतूदेवताकीभीसाथमेंप्राप्तहुईजिनकीस्थापनादुर्गजिलेकीधमधातहसीलमेंएकगांवबिरझापुरमें5.4.1997 कोबहुतबड़ेसंतसम्मेलनकेद्वाराविद्वानपुरोहितोंनेकी। बिरझापुरग्रामकेहीएककिसानपरिवारकेविद्वानब्राम्हणपंश्रीकांतशर्माकीओरसेशनिदेवजीकीसेवामेंआधाएकड़कीयहभूमिदानमेंदीदीजीकोप्राप्तहुईथी।वर्तमानमेंइसशनितीर्थकीसंचालिकाडॉविभाश्रीजी, संरक्षक- श्रीश्रीकांतशर्माऔरस्थायीपुरोहितपंछगनशर्माजीहै। जोसारीशनितीर्थक्षेत्रकीव्यवस्थाकोसंभालतेहैं। दीदीजीद्वारा छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद)महाराष्ट्रमेंशनिआश्रमस्थापितहोनेकेपूर्वसारेअनुष्ठान/ शांतिमहायज्ञइसीभूमीमेंशनितीर्थबिरझापुरमेंहीहुआकरतेथे। अभीभीप्रतिनवरात्रिमेंयहांशनिशांतिहेतुअसंख्यज्योति(कलश) तेलकीस्थापनाहोतीहैंऔरप्रत्येकशनित्योहारोंपरसैकड़ोंश्रद्धालुपैदलचलकरभीदर्शनार्थपहुँचतेहैं।यहांपहुँचनेकेलियेदुर्गबसस्टॅंडसेगण्डईएवंजबलपुरकेलियेजानेवालीबसेंप्राप्तहोतीहै।गण्डईमार्गपरयहबिरझापुरगांवकाफीप्रसिद्धिप्राप्तकरचुकाहै।दुर्गसेधमधाकेलियेजानेवालीबसेंप्रतिघंटेयात्रियोंकोप्राप्तहोतीहैफिरधमधाबसस्टॅंडसे3 किमीदूरयहांशनिक्षेत्रमेंआटोवटॅक्सीद्वाराभीजायाजासकताहै।यहांकीप्रतिमास्वयंभूऔरबिलकुलशिंगणापुरजैसीहोनेकेनामसेऔरयहांदीदीजीद्वारापहलीबारमहिलाओंकोशनिपूजाकास्वतंत्रअधिकारदेनेकेनामसेपिछलेदिनोंयहक्षेत्रबहुतचर्चाकाविषयबनाथा।
उल्लेखनीयहैकिशनिसाधिकाडॉविभाश्रीदीदीजीनेअपनेसाधनात्मकमार्गमेंचलरहेअपारसंघर्षों, पारिवारिकविवादोंकेकारणजब24.11.19 मेंजिलादुर्गकेअपनेनिजीशनिसंस्थानका, परिवारकात्यागकरकेअपनेशिष्यों, भक्तों, साथियोंवज्योतिषाचार्योकेसाथगंगोत्रीमेंगंगाजीमेंखड़ेहोकरजबगृहस्थसंन्यासकी, आजीवनब्रम्हचर्यकीदीक्षालीतबउसकेबादउन्होंने14.10.2000 कोशनिदेवकीकृपासेमहाराष्ट्रकेछत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद)जिलेकेN-2 सिडकोकेक्षेत्रमेंएकविशालशनिमंदिरकीस्थापनाकीजहांपरहीवर्तमानमेंदीदीजीकास्थाईनिवासभीहैऔरफिरबढ़तीभीड़कोदेखकरआपने2005 में4 एकड़कीभूमीमेंविशाल,खूबसूरतशनैश्वरतीर्थक्षेत्रशनिआश्रमचिकलथाना, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद)कीस्थापनाकरकेयहप्रमाणितकरदियाकिशनिदेवकीउनपरकितनीकृपाहै- बनातानहींकोईशनिजैसा- बननेवालाव्यक्तिचाहिये।
दिसम्बर 2013 में शनितीर्थ क्षेत्र बिरझापुर, धमधा, दुर्ग छत्तीसगढ़ के संरक्षक श्री श्रीकांत शर्मा और पण्डित श्री छगन शर्मा जी के सहयोग से यहां 7 दिन चलने वाली शनि भागवत कथा भी की थी इस कार्यक्रम में रायपुर जिले के, दुर्ग जिले के सांसद, विधायकों, प्रोड्यूसर आदि के अलावा मुंबई के अभिनेता दयाशंकर पाण्डेय शनिदेव का अभिनय करने वाले ने भी भाग लिया था। संस्कार चैनल के द्वारा इस कार्यक्रम को देखकर ज्ञान अर्जन का लाभ भी मिला। शनि साधिका दीदी जी की शनि भागवत कथा में उस समय उमड़ने वाले जनसमुदाय ने यह प्रमाणित कर दिया था कि यह तीर्थ क्षेत्र शनि के आठों धामों के जैसा ही प्रसिद्ध होगा जिसके लिये शनिदेव जी ने ही डॉ विभाश्री दीदीजी को चुना है।
अधिक जानकारी हेतु संपर्क
श्री शनि आश्रम, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र
संरक्षक – श्रीकांत शर्मा
पुजारी – छगन शर्मा
9422704358, 9424139677
गौरव शर्मा
9977344032
रवी शर्मा
9424112774
Read More >>N-2, Cidco, Thakre Nagar Road, Chhatrapati Sambhajinagar (Aurangabad) (MH) * Chikalthana Airport – 5 Km * Chhatrapati Sambhajinagar (Aurangabad) Railway Station – 9.9 Km * Ellora Caves 34.1 Km * Grushneshwar Jyotirling Ellora – 44.3 Km * Ajanta Caves 55.9 Km * Shri Shani
Shingnapur 84.8 Km * Sai Baba – Shirdi 124 Km * Shri Shani mandir, Nastanpur 124 Km
Chikalthana Airport – 3 Km * Chhatrapati Sambhajinagar (Aurangabad) Railway Station – 13.9 Km * Ellora Caves – 40.6 Km * Grushneshwar Jyotirlinga Ellora – 52.3 Km * Ajanta Caves – 63.9 Km * Shri Shani Shingnapur – 91.4 Km * Sai Baba – Shirdi – 132 Km * Shri Shani mandir, Nastanpur – 132 Km
Read More >>Address – Nalankulam, Thirunallar, Puducherry 609607 –
Distance From Karaikal Railway Station & Bus Stand – 6 Km –
Nearest International Airport 1) Chennai (Madras) 2) Trichirapalli 3) Coimbatore 4) Madurai 5) Tirupati
On Ujain – Indore Highway * Railway Station,Ujjain – 8.8 Km * Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga Shiv Mandir – 21 Km * Railway Station, Indore – 49.3 Km * The Nearest Airport Devi Ahilyabai Holkar Airport Indore – 53 Km
Read More >>ये एरी पर्वत पर – शनैश्चरा मंदिर है। 18 उत्तरप्रदेश उत्तराखण्ड – कुछ तो है में इसके बारे में 2020 में गहरी जानकारी दी गई। जिला मुरैना में मौजूद शनिदेव की अनोखी दुनिया है यहां ये उल्कापिंड रूप में हनुमानजी ने लंका से
शनिदेवजी को तेज गति से शनिश्चरा पहुँचाया था मूर्ति उल्कापिंड से बनी थी, स्वयंभू है पानी का झरना – गुप्त गंगा के रूप में है। ये ग्वालियर स्टेशन से 26 कि मी की दूरी पर है यहां के एरी पर्वत पर आज भी वहां खूबसूरत झरने
हैं। एरी पर्वत पर 84 झरनों का रहस्य जलधारा – गुप्तगंगा है पौड़ेसरकार महाबलि हनुमान की लेटी मूर्ति 7 फिट की है। ये 7 फिट की मूर्ति वर्तमान में कुछ उठती नजर आ रही है। मंदिर पुराना त्रेता युग से है। भगवान राम भी वहां
पर सीता जी और लक्ष्मण सहित पधारे थे। मेन रोड के शनि द्वार ( गेट से ) 10 कि मी अंदर है यात्री ग्वालियर के एअरपोर्ट से या ग्वालियर रेल्वे स्टेशन से किसी भी स्थान से शनैश्चरा मंदिर पहुँचे लगभग दुरी एक जैसी ही पड़ती
है। Distance Of 23 Km From Gwalior & 29 Km From Morena * Airport – 17.8 Km * Railway Station – 20.6 Km
Nandgaon – 1.5 Km * Chalisgaon ( Dhuliya ) – 75.9.Km * Nasik (MH) – 130 Km * Shri Shani Ashram, Chhatrapati Sambhajinagar (Aurangabad)(MH) – 132 Km
Read More >>Kokilavan, Vill Post, Bathain Kalan, Uttar Pradesh – 281403
( 14 जनवरी मकर संक्रांति पर विशेष ) पूजा में भाग लेने वालों के लिए आवश्यक जानकारी
प्रतिवर्ष 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन नवग्रह / शनि शांति महामृत्युञ्जय महायज्ञ के नाम से होने वाली यह शांति पूजा फेमिली पूजा है जिसमें बुकिंग करने वाले व्यक्ति के साथ उसके परिवार को भी निशुल्क पूजा में भाग लेने का अवसर मिलता है।
शनि शांति अनुष्ठान में भाग लेने वालों को एक दिन पूर्व सायं 5 बजे तक N – 2, सिडको, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के शनि मंदिर में पहुँचना होगा जहाँ 9 बजे तक अनुष्ठान तैयारी/संकल्प/उपाय चलेगा
श्री शनि शांति अनुष्ठान * स्थान – श्री शनि आश्रम चिखलथाना छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) (महा.) * संचालिका – शनि साधिका – शनि पुरोहित डॉ. विभाश्री दीदीजी * शनि संबंधी समस्त जन्मदोषों जैसे – विष्टिदोष, विषदोष, शनिमंगल युतिदोष, शनि – गुरु घंटालदोष, शनि – राहु प्रवज्जादोष, पंचमेष शनि, सप्तमेष शनि, नीच के शनि, शनि महादशा जैसे शनि दोषों की शांति हेतु वैदिक, पौराणिक, ज्योतिषीय पध्दती से होने वाले इस शनि शांति अनुष्ठान में भाग लेकर शनि कृपा द्वारा अपने वर्तमान / भविष्य के निर्माण का लाभ उठावें l
Read More >>14 जनवरी 2022 ( शनिवार ) मकर संक्रांति पर*
समय – प्रातः 9 से दोपहर 2 बजे तक*
स्थान – श्री शनि आश्रम, चिकलथाना, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) ( महा )*
संचालिका-एस्ट्रोलॉजर, शनि अनुष्ठानतज्ञ-डॉ. विभाश्री दीदीजी*
विशेष*
इस शांति पूजा में नवग्रहों से संबंधित दोष जैसे – किसी भी ग्रह का नीच का होना, किसी भी ग्रह के साथ राहू / केतू का ग्रहण दोष होना, मातृ दोष, पित्रदोष, मंगल राहू / केतू का अंगारका दोष, मंगली दोष, गुरु आदित्य योग ( विवाह हेतु अति विलम्ब दोष ), सप्तमेश षडाष्टक दोष, गुरु चांडाल दोष, शुक्र संबंधी ग्रहण दोष आदि की शांति पूर्ण ज्योतिषीय ज्ञान के साथ होगी। राहू या केतू की महादशा की शांति, वृषभ राशी पर चल रहे राहू के ग्रहण दोष की शांति, मिथुन राशी पर और तुला राशी पर चल रहे शनिदेव के ढैय्ये की शांति पूजा भी पूर्ण एस्ट्रोलॉजीकल पद्धती से स्वयं शनि पुरोहित, शनि साधिका – डॉ विभाश्री दीदी जी द्वारा कराई जायेगी।
बुकिंग हेतु संपर्क*
श्री शनि मंदिर, N-2, सिडको,
ठाकरे नगर रोड, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) महाराष्ट्र –
0240 2471558, 9422704358, 9822368923
30 April 2022 शनि अमावश्या के अवसर पर* समय – प्रातः 8 से सायं 5 बजे तक* स्थान – श्री शनि आश्रम. चिकलथाना, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र* शनिदेव से संबंधित सभी जन्म दोष – सूर्य शनि युति ( विष्टि दोष ) शनि चंद्र युति ( विष दोष / विष योग ) शनि मंगल युति दोष, शनि राहू, शनि केतू युति संबंधी प्रवज्या दोष, नीच के शनि ( पूर्व जन्म का कर्ज ) पंचमेश शनि ( संतान सुख में बाधा विलम्ब ) सप्तमेश शनि ( गृहस्थी सुख में विलम्ब व बाधा ) शनि दृष्टी दोष, शनि नक्षत्र में, शनि दशा में जन्म, आदि की शांति एवं वर्तमान की शनि दशा की शांति हेतु शनि अमावश्या के शांति अनुष्ठान में में भाग लेकर शनि कृपा का अद्भुत लाभ उठावें। अधिक जानकारी हेतु संपर्क – 0240 2471558, 9822368923
Read More >>शनि ढैया शांति उपाय
जिसकी राशी पर शनिदेव जी के ढैये का समय चल रहा है उस व्यक्ति को स्वयं यह उपाय करना है l
प्रातः सूर्योदय के पूर्व स्नान करके अपने देवालय में बैठकर एक कटोरी में 50 ग्राम सरसों का तेल लेकर उस में झुककर अपना चेहरा देखते हुये अपनी सारी परेशानी/समस्या/दुःख शनिदेव जी को सुनायें फिर इस तेल को दिये में डालकर मोटी बाती लगाकर इसका दीपक जलायें और प्रार्थना करें की आपके द्वारा जो शनि ज्योति जलाई जा रही है वह जैसे – जैसे जले आपकी परेशानी दूर होती जाये । यह उपाय 40 दिनों तक लगातार करने से आपकी समस्या के समाधान का मार्ग अवश्य निकलेगा ।
ऋषि पिप्लादेन उवाच – शनि स्तोत्र –
य एमिर्नामाभि: स्तौति – तस्य तुष्टो ददात्य सौ।
तदीयं तु भयं तस्य – स्वप्नेयि न भविष्यति।।
कोणस्थ : पिंगलो बभ्रु: – कृष्णो रुद्रोन्तको यम: –
सौरि: शनैश्चरो मन्द: – प्रीयतां में ग्रहोत्तम:।।
नमोर्क पुत्राय शनेश्चराय – नीहार वर्णा जन मे चकाय।
श्रुत्वा रहस्यं भव कामदश्च – फ़लप्रदो मे भवे सूर्य पुत्रं।।
नमोस्तु प्रेतराजाय – कृष्ण देहाय वै नमः।
शनैश्चराय ते तद्ध – शुद्धिबुद्धि प्रदायिने।।
नमस्ते कोणसंस्थाय, पिंगलाय च नमोस्तुते –
नमस्ते ब्रभूरूपाय, कृष्णाय च नमोस्तुते –
नमस्ते रौद्र देहाय, नमस्ते बालकाय च –
नमस्ते यमसंज्ञाय, नमस्ते सौरयेविभो –
नमस्ते मंदसंज्ञाय, शनैश्चर नमोस्तुते –
प्रसादं कुरु देवेश दीनस्य प्रणतस्यच
शनि शांति अनुष्ठान – हर ढाई वर्ष में एक बार शनिदेव के राशी परिवर्तन पर शनि पलट – राशी परिवर्तन के उत्सव में होने वाले शांति अनुष्ठान की
शनि समय की शुभता प्राप्ति हेतू शनिदशा, शनि साढे साती, शनि ढैय्या का या किसीं भी प्रकार का बुरा शनिदेव का समय चलने तक ये उपाय करने से शनि समय को शुभ बनाया जा सकता है * प्रातः सूर्योदय के पूर्व उठकर 2 घंटे का मौन रखकर अपना ये पुण्यफल प्रार्थना द्वारा शनि देव की प्रसन्नता हेतु देवें । * प्रति दिन दोपहर 12 बजे तक का व्रत करें मात्र पेय पदार्थ ही लेंवे, नाश्ता न लें । * रात्रि 7 के बाद अन्न/नमक का त्याग करें । * शनि संबंधी साहित्य पढ़े-पढ़ाये , वितरित करें,इस में दिये ज्ञान का स्वयं भी लाभ उठावें * घर में शनि मंत्र / शनि भजन की सी. डी. बजायें l * शनि देव की यंत्र वाली काली गादी को तकिये के निचे सिरहाने मे रखें l * काला शनि कवच धारण करें l * शनि चिकित्सा के तेल की मालिश प्रति शनिवार को करके शनि समय को शुभ फलकारी बना सकते हैं ! शुभेच्छा…. शनि साधिका – डॉ विभाश्री दीदी जी
Read More >>शनि साधिका, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्या डॉ. विभाश्री दीदी जी द्वारा लिखित ज्योतिष संबंधित और शनिदेव जी संबंधित साहित्य अपने निर्माण के लिये खरीदकर / उपहार स्वरूप भेंट देकर अपने आप को लाभान्वित करें I
जय शनिदेव – श्री शनि कथा / भागवत एवं ज्ञान सत्संग छोटे रूप में 4 दिन के होते हैं और बड़े रूप में 7 दिन के होते हैं ।
कलयुग के भगवान श्री शनिदेवजी का संक्षिप्त परिचय –
नमस्ते कोण संस्थाय पिंगलाय च नमोस्तुते –
नमस्ते ब्रभूरूपाय कृष्णाय च नमोस्तुते –
नमस्ते रौद्रदेहाय नमस्ते बालकाय च –
नमस्ते यमसंज्ञाय नमस्ते सौरयेविभो –
नमस्ते मंदसंज्ञाय शनेश्वर नमोस्तुते –
प्रसादं कुरु देवेश दीनस्य प्रणतस्यच –
कोणस्थ: पिंगलो बभ्रु: कृष्णौ रौद्रोंतको यमः –
सौरी: शनिश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत: –
एतानि दश; नामानी प्रात:रूत्थाय य: पठेत –
शनिश्चर कृता पीडा न कदाचित भविष्यती