श्री शनेश्वर तीर्थ क्षेत्र शनि आश्रम छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) महाराष्ट्र में शनि साधिका डॉ विभा श्री दीदी जी की सन्यास दीक्षा के बाद पहली बार उनके साध्वी वेदिकाश्री चेतना गिरी दीदीमां के स्वरूप में उपस्थिति, व उनके ही द्वारा ,16 मई 2026 की शनि अमावस्या को होने वाले जन्म के सभी शनि दोषों के निवारण हेतु शनि संबंधित स्पेशल शनि शांति अनुष्ठान में भाग लेने हेतु बुकिंग जारी है संपर्क 9422704358
सभी प्रकार की शनि पीड़ा के निवारण हेतु

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ऋषि पिप्लादेन उवाच – शनि स्तोत्र –
य एमिर्नामाभि: स्तौति – तस्य तुष्टो ददात्य सौ।
तदीयं तु भयं तस्य – स्वप्नेयि न भविष्यति।।
कोणस्थ : पिंगलो बभ्रु: – कृष्णो रुद्रोन्तको यम: –
सौरि: शनैश्चरो मन्द: – प्रीयतां में ग्रहोत्तम:।।
नमोर्क पुत्राय शनेश्चराय – नीहार वर्णा जन मे चकाय।
श्रुत्वा रहस्यं भव कामदश्च – फ़लप्रदो मे भवे सूर्य पुत्रं।।
नमोस्तु प्रेतराजाय – कृष्ण देहाय वै नमः।
शनैश्चराय ते तद्ध – शुद्धिबुद्धि प्रदायिने।।
नमस्ते कोणसंस्थाय, पिंगलाय च नमोस्तुते –
नमस्ते ब्रभूरूपाय, कृष्णाय च नमोस्तुते –
नमस्ते रौद्र देहाय, नमस्ते बालकाय च –
नमस्ते यमसंज्ञाय, नमस्ते सौरयेविभो –
नमस्ते मंदसंज्ञाय, शनैश्चर नमोस्तुते –
प्रसादं कुरु देवेश दीनस्य प्रणतस्यच

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